Cockroach Janta Party (CJP): क्या हो अगर मैं आपसे कहूँ कि भारत में महज़ 5 दिन के अंदर एक ऐसी राजनीतिक पार्टी खड़ी हो गई, जिसने फॉलोअर्स के मामले में देश की सबसे बड़ी पार्टी को भी पीछे छोड़ दिया?
एक ऐसी पार्टी जिसका कोई ज़मीनी वजूद नहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उसके 19 मिलियन (1 करोड़ 90 लाख) से ज्यादा समर्थक जुड़ गए! नाम रखा गया- ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party)। युवाओं का एक ऐसा आंदोलन जिसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया।
लेकिन फिर… अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको चौंका दिया। जो पार्टी रातों-रात इंटरनेट का राजा बन गई थी, उसे रातों-रात गायब कर दिया गया। अकाउंट्स हैक हो गए, एक्स (ट्विटर) पर पाबंदी लग गई और पार्टी के संस्थापक को वॉट्सऐप पर धमकियां मिलने लगीं!
Crackdown on Cockroach Janta Party.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) May 23, 2026
– Instagram page hacked.
– My personal Instagram hacked.
– Twitter account withheld
– Back up account also taken down.
आइए इस पूरे विवाद की परतें खोलते हैं और जानते हैं कि, क्या यह बेरोज़गार युवाओं की सच्ची आवाज़ थी या किसी का मास्टरमाइंड प्रोपेगेंडा?
विवाद की शुरुआत: सुप्रीम कोर्ट की ‘कॉकरोच’ टिप्पणी
किसी भी बड़े तूफ़ान की शुरुआत एक छोटी सी चिंगारी से होती है। और इस तूफ़ान की चिंगारी उठी भारत के सबसे बड़े न्यायालय से।
सुप्रीम कोर्ट में एक ‘सीनियर एडवोकेट’ का दर्जा पाने की सुनवाई के दौरान, जस्टिस सूर्यकांत जी ने एक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि, “कुछ बेरोज़गार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI कार्यकर्ता बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं।“
भले ही बाद में जज साहब ने सफाई दी कि, उनके बयान को गलत तरीके से पेश (Misquote) किया गया है। लेकिन तब तक ‘कॉकरोच’ और ‘बेरोज़गार’ शब्द इंटरनेट पर आग की तरह फैल चुके थे। युवाओं के स्वाभिमान को चोट पहुँच चुकी थी और यहीं से एक नए सोशल मीडिया आंदोलन की नींव पड़ी।
CJP का उदय: “मैं भी कॉकरोच” ट्रेंड
आपको याद होगा कुछ साल पहले ‘मैं भी चौकीदार’ का नारा कितना मशहूर हुआ था। बिल्कुल उसी तर्ज पर, 16 मई 2026 को एक्स (ट्विटर) पर एक नया अकाउंट सामने आता है। हैंडल का नाम था ‘@CJP_2029’ और ट्वीट था- “मैं भी कॉकरोच!”

देखते ही देखते सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाई गई तस्वीरें वायरल होने लगीं। इन तस्वीरों में युवा ‘कॉकरोच’ का मास्क पहने हुए थे। नारे लिखे जा रहे थे- “मैं कॉकरोच हूँ, तुम कॉकरोच हो, हम सब कॉकरोच हैं।”
यहाँ से जन्म हुआ—’कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का। इस पार्टी ने अपनी एक वेबसाइट भी लॉन्च की। इस वेबसाइट पर पार्टी का विज़न बहुत ही मज़ाकिया लेकिन कड़वी सच्चाई से भरा था। उन्होंने खुद को “आलसी और बेरोज़गारों की आवाज़” घोषित कर दिया।
पार्टी से जुड़ने की प्राथमिक शर्त ही यही थी कि आपको बेरोज़गार, आलसी या दिन भर इंटरनेट पर समय बिताने वाला होना चाहिए।
युवाओं ने इसे हाथों-हाथ लिया और सिर्फ 5 दिनों के भीतर इस पार्टी के इंस्टाग्राम पेज ने भारत की सत्ताधारी पार्टी के आधिकारिक पेज को फॉलोअर्स की संख्या में पीछे छोड़ दिया।
⚠️ साइबर सुरक्षा चेतावनी: इंटरनेट पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से कई फर्जी वेबसाइट्स तैर रही हैं। अधिकारिक लिंक डाउन होने के कारण स्कैमर्स इसका फायदा उठा सकते हैं। किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।




कॉकरोच जनता पार्टी का 5 सूत्रीय घोषणापत्र
CJP ने अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसने सीधे सिस्टम की खामियों पर सीधा प्रहार किया। इस घोषणापत्र के 5 प्रमुख वादे निम्नलिखित थे:
- रिटायरमेंट के बाद जजों को पद नहीं: मुख्य न्यायाधीश रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा की सीट नहीं पाएंगे, ताकि फैसलों में निष्पक्षता बनी रहे।
- चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई: मुख्य चुनाव आयुक्त को UAPA के तहत गिरफ्तार किया जाए।
- महिलाओं को 50% आरक्षण: महिलाओं के लिए सिर्फ 33% नहीं, बल्कि पूरी आधी हिस्सेदारी (50% आरक्षण) लागू हो।
- गोदी मीडिया पर प्रतिबंध: बड़े उद्योगपतियों के कब्ज़े वाले न्यूज़ चैनल्स के लाइसेंस रद्द हों और एंकर्स के बैंक खातों की जांच हो।
- दल-बदल पर पूर्ण रोक: जीतने के बाद अपनी पार्टी बदलने वाले सांसदों/विधायकों के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगे।
मास्टरमाइंड का पर्दाफाश: कौन हैं अभिजीत दीपके?
जब लोगों ने इस वायरल ट्रेंड के पीछे के दिमाग को खोजना शुरू किया, तो अभिजीत दीपके का नाम सामने आया।
अभिजीत महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं और उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) की पढ़ाई की है। जांच में सामने आया कि अभिजीत कोई आम बेरोज़गार युवा नहीं हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के नेशनल सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर रह चुके हैं और 2019 से 2024 तक दिल्ली सरकार के साथ संचार सलाहकार (Communication Advisor) के रूप में काम कर चुके हैं।

क्या यह महज़ एक संयोग था?
पार्टी बनने से ठीक 48 घंटे पहले (13 मई को) दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने युवाओं से अपील की थी कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरें। इसके तुरंत बाद CJP का खड़ा होना और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं का इसे खुला समर्थन देना कई सवाल खड़े करता है। कई दावों के अनुसार, CJP के 19 मिलियन फॉलोअर्स में से लाखों फॉलोअर्स (पाकिस्तान, तुर्की, बांग्लादेश से) ‘बॉट (Bot)’ थे।

एक नज़र में CJP विवाद (Fact File)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पार्टी का नाम | कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) |
| विवाद का कारण | सुप्रीम कोर्ट में ‘कॉकरोच’ टिप्पणी |
| प्रमुख चेहरा | अभिजीत दीपके (पूर्व AAP संचार सलाहकार) |
| इंस्टाग्राम फॉलोअर्स | 19 मिलियन (कई बॉट फॉलोअर्स होने का दावा) |
| ताज़ा स्थिति | इंस्टाग्राम पेज हैक, एक्स (ट्विटर) अकाउंट ब्लॉक, धमकियां |
ज़ुल्मी हुक्मरानों से कह दो आज
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 21, 2026
बंदिशों में कब बंधा है ‘इंक़लाब’#BJP_बनाम_CJP pic.twitter.com/QJ3FyNc4W2
Dark Twist: अकाउंट हैकिंग और धमकियां
यह कहानी तब एक डार्क थ्रिलर बन गई जब टाइम्स ऑफ़ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार, 19 मिलियन फॉलोअर्स वाला CJP का इंस्टाग्राम पेज अचानक हैक हो गया।
अभिजीत दीपके ने बताया कि उनका व्यक्तिगत और CJP का आधिकारिक पेज उनके control से बाहर हो चुका है और एक्स अकाउंट भी ब्लॉक कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें वॉट्सऐप पर अज्ञात नंबरों से धमकियां मिल रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है: “या तो यह पेज हमेशा के लिए डिलीट कर दो, या फिर सीधे बीजेपी जॉइन कर लो!”
निष्कर्ष: क्या है इस पूरी साज़िश का सच?
इस पूरे घटनाक्रम से तीन बड़ी सच्चाइयां निकलकर सामने आती हैं:
- बेरोज़गारी का सच: देश में पेपर लीक (जैसे NEET) और बेरोज़गारी से युवा हताश हैं। एक उच्च पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल युवाओं के गुस्से को भड़काने के लिए काफी था।
- डिजिटल प्रोपेगेंडा: 19 मिलियन फॉलोअर्स रातों-रात नहीं आते। विपक्ष के समर्थन और पूर्व PR सलाहकार की भूमिका यह दिखाती है कि युवाओं के गुस्से को भुनाने के लिए सोशल मीडिया का एक बड़ा खेल खेला गया।
- लोकतंत्र और अभिव्यक्ति: आलोचना चाहे कितनी भी तीखी या व्यंग्यात्मक हो, अकाउंट हैक करवाना या धमकियां देना एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद शर्मनाक है।
अब यह तय करना जनता के हाथ में है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी‘ सच में बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ थी, या फिर उनकी भावनाओं से खेलने वाला एक बहुत बड़ा राजनीतिक स्टंट।
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